वीमेन सेफ़्टी इंडिया
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चार महीने में न्याय

4 महीने की समय-सीमा लागू हो। हर महीने की देरी पर ₹1 करोड़।

कानून पहले से कहता है कि बलात्कार की जाँच FIR के 2 महीने के भीतर और मुकदमा चार्जशीट के 2 महीने के भीतर पूरा हो, यानी कुल लगभग चार महीने। इस समय-सीमा का पालन नहीं होता। हमारी माँग है कि इसे लागू किया जाए: हर बलात्कार के मुकदमे का फ़ैसला FIR दर्ज होने के चार महीने के भीतर हो, और अपील के सभी अधिकार बने रहें। इसके बाद देरी के हर महीने के लिए राज्य पीड़िता को ₹1 करोड़ का मुआवज़ा देगा। फ़ास्ट-ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना को स्थायी बनाया जाए और ऐसी अदालतों की संख्या दोगुनी की जाए।

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (Indian Kanoon)India Code — आधिकारिक स्रोत (कभी-कभी अनुपलब्ध हो सकता है)

मुख्य बदलाव

सभी माँगें नया कानून लागू होने के बाद किए गए अपराधों पर लागू होंगी।

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